चमोली। सीमांत जनपद चमोली में छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ने की पहल रंग ला रही है। जिले के गोपेश्वर, नंदप्रयाग और लांगसू स्थित तीन राजकीय इंटर कॉलेजों में निजी कंपनी की बोइंग लैब संचालित की जा रही हैं। इन लैबों में विद्यार्थी विज्ञान के विभिन्न विषयों पर प्रयोग करने के साथ नए प्रोजेक्ट भी तैयार कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक शिक्षा के जरिए छात्रों में वैज्ञानिक सोच और शोध के प्रति रुचि बढ़ रही है। लैब में विद्यार्थियों को एयरोनॉटिक्स और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों की जानकारी भी दी जा रही है। छात्रों का कहना है कि प्रयोगों के जरिए सीखने से उन्हें विषयों को बेहतर ढंग से समझने और कुछ नया करने की प्रेरणा मिल रही है।
लैब मैनेजर अनंत कुमार के अनुसार, इन लैबों के माध्यम से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रयोगात्मक शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है, जिससे उन्हें भविष्य में विज्ञान और एयरोस्पेस के क्षेत्र में करियर की दिशा तय करने में मदद मिल रही है।
