हरिद्वार। हरिद्वार में पितृ विसर्जनी अमावस्या के अवसर पर आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु नारायणी शिला मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पितरों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए तर्पण, श्राद्ध और पूजा-अर्चना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ विसर्जनी अमावस्या पर पितरों के निमित्त पूजा करने से उन्हें मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, पितृ दोष से मुक्ति के लिए भी इस दिन का विशेष महत्व माना जाता है।
मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान पितृ अपने लोक से धरती पर आते हैं और अमावस्या के दिन अपने लोक लौट जाते हैं। इसी मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु नारायणी शिला मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पितरों को विदाई दे रहे हैं।
धार्मिक मान्यता यह भी है कि जिन लोगों को अपने पितरों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, वे पितृ पक्ष के अंतिम दिन गंगा स्नान कर गंगा तट या नारायणी शिला मंदिर में पितरों के निमित्त पूजा और तर्पण कर सकते हैं।
