नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच हुए नाज़ुक शांति समझौते के बाद खाड़ी क्षेत्र में हालात सामान्य करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र ने फारस की खाड़ी में फंसे सैकड़ों जहाज़ों और करीब 11 हजार नाविकों को सुरक्षित निकालने का अभियान शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार, युद्ध के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने से ये जहाज़ फंस गए थे। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक यह अभियान ईरान, ओमान, अमेरिका और अन्य तटीय देशों के सहयोग से चलाया जाएगा। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अनिश्चितकाल तक परमाणु निरीक्षण के लिए तैयार है, हालांकि तेहरान ने इस दावे से इनकार किया है। अमेरिका ने ईरान पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में 60 दिनों की छूट भी दी है, जिसे तनाव कम करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
