श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चैरास परिसर में बुधवार को विश्वविद्यालय स्थापना आंदोलन के प्रमुख सूत्रधार एवं प्रख्यात समाजसेवी स्वामी मन्मथन की आवक्ष प्रतिमा का अनावरण कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने किया। स्वामी मन्मथन प्रेक्षागृह परिसर में स्थापित इस प्रतिमा का निर्माण प्रसिद्ध मूर्तिकार प्रो. अवतार सिंह पंवार ने किया है, जबकि इसे चन्द्रकुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान के सचिव डॉ. योगम्बर सिंह बर्त्वाल द्वारा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया गया। स्वामी मन्मथन के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्वामी मन्मथन का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय है।
उन्होंने घोषणा की कि इस तिथि को विश्वविद्यालय के कैलेंडर में विशेष रूप से दर्ज किया जाएगा तथा प्रतिवर्ष स्वामी मन्मथन के योगदान पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कुलपति ने बताया कि अगले शैक्षणिक सत्र से उत्तराखण्ड की विभूतियों एवं सांस्कृतिक विरासत पर आधारित दो क्रेडिट का पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। साथ ही गढ़वाली भाषा, संस्कृति संरक्षण एवं संवर्द्धन केंद्र तथा लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के विस्तार की योजनाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम में स्वामी मन्मथन के सहयोगी एवं श्रीनगर के पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने कहा कि गढ़वाल विश्वविद्यालय की स्थापना जनआंदोलन की देन है और इस आंदोलन को खड़ा करने तथा सफलता तक पहुँचाने का श्रेय स्वामी मन्मथन को
