रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने चार धाम यात्रा पर पहुंच रही गर्भवती व धात्री महिलाओं एवं बुर्जुग श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुये अल्प विश्राम करने के लिये पुराने विकास भवन में स्थित व स्टॉप सेंटर को चुना है। यहां महिलाएं एवं बुजुर्ग कुछ देर रूकर विश्राम कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से इनके लिये निशुल्क चाय एवं पानी की भी व्यवस्था की जाएगी।
रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय चार धाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है। प्रत्येक दिन यहां से होकर हजारों यात्री गुजरते हैं। कई बुजुर्ग एवं विकलांग तीर्थ यात्रियों के अलावा गर्भवती व धात्री महिलाएं भी यात्रा पर निकलती हैं। इन यात्रियो को अल्प विश्राम की सुविधा देने के उददेश्य से महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग रुद्रप्रयाग पुराने विकास भवन में स्थित वन स्टॉप सेन्टर रुद्रप्रयाग को चयनित किया है। यहां हर समय कर्मचारी तैनात रहेंगे और यात्रियों की सेवा करेंगे। यात्रा में शामिल किसी गर्भवती या धात्री महिला को अल्प विश्राम या अपने बच्चे को स्तनपान कराने की आवश्यकता महसूस होती है तो वह अपनी आवश्यकतानुसार वन स्टॉप सेंटर में कुछ देर विश्राम कर फिर अपनी यात्रा जारी कर सकती है। इस अवधि में श्रद्धालु को चाय-पानी की सुविधा भी विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन और विभाग की की इस व्यवस्था का पता श्रद्धालुओं को आसानी से हो, इसके लिये प्रमुख स्थानों पर साईन बोर्ड भी लगवाए गए हैं।
डीपीओ अखिलेश मिश्रा ने बताया कि यात्रा में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। विशेष सुविधा और सहायता के लिए अध्यक्ष जिला बाल कल्याण समिति रुद्रप्रयाग एवं सदस्यों द्वारा यात्रा के दौरान क्षेत्र मंे अपनी उपस्थिति को बढ़ाया जाएगा तथा यात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकरण के सम्मुख आने पर सम्बन्धित जिम्मेदार व्यक्ति से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि चाइल्ड हेल्प लाइन का संचालन दिन-रात किया जा रहा है और कम से कम एक कार्मिक फोन पर सहायता के लिये रहेगा। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे, महिला या बुजुर्ग तीर्थ यात्री को अल्प आश्रय की आवश्यकता होती है तो वह तत्काल वन स्टॉप सेन्टर रुद्रप्रयाग तक उनकी पहंुच को सुनिश्चित करवाएगा। अल्प विश्राम स्थल पर स्पर्श सैनेटरी नैपकिन भी उपलब्ध रहेगी, जिसका आवश्यकतानुसार निःशुल्क वितरण किया जायेगा।
